कुशीनगर : नेपाल के रसुवा जिले (चीन-तिब्बत सीमा से सटे क्षेत्र) में भारी वर्षा के कारण ग्लेशियर जनित झील फटने (Glacial Lake Outburst) की सूचना मिलने के बाद नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
वाल्मीकि बैराज से 2.50 से 3.00 लाख क्यूसेक तक पानी के डिस्चार्ज की आशंका जताई जा रही है।इस संभावित स्थिति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से नारायणी नदी के तटवर्ती एवं संवेदनशील शिवपुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नदी के जलस्तर और संभावित प्रभावित स्थानों का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी। ग्रामीणों से अपील की गई कि प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं और चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें, नदी के समीप अनावश्यक रूप से न जाएं तथा पशुओं को भी निचले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर रखें।
संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम को आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ अलर्ट मोड में तैनात कर दिया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों को मौके पर रहकर लगातार निगरानी रखने और जलस्तर में किसी भी बदलाव की तुरंत जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।

