Friday, January 30, 2026
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हमें एक ही मूलमंत्र लेकर आगे चलना है… विकास, विकास, विकास : पीएम मोदी

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भाजपा की दो दिवसीय राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दिए मार्गदर्शन भाषण में कहा कि ‘हमें एक ही मूलमंत्र लेकर आगे चलना है विकास.. विकास.. विकास। यही हमारे देश की सभी समस्‍याओं का समाधान है। इसी दिशा में हम काम कर रहे हैं और विकास का चक्‍का भी तेजी से चल रहा है।’

बैठक समापन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर पीएम द्वारा दिए गए भाषण से अवगत कराया। राजनाथ ने बताया कि पीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा ‘हमें अपने संगठन को वट वृक्ष के रूप में विकसित करना है। वट वृक्ष चिरस्‍थायी होता है। उसकी जड़ें गहरी होती हैं। शाखाएं लोगों को साया प्रदान करती हैं… शीतलता देती हैं। ऐसा संगठन का स्‍वरूप होना चाहिए।’

प्रधानमंत्री ने अपने नेताओं को हर मुद्दे पर बयानबाजी न करने को लेकर भी चेताया और कहा कि मुद्दों पर पार्टी के मत को स्‍पष्‍ट करने के लिए एक अलग विभाग है।

पीएम ने साथ ही कहा कि ‘हमारी सरकार के अभी तक के कार्यकाल में आज तक सरकार पर भ्रष्‍टाचार का आरोप नहीं लगा। केवल आर्थिक भ्रष्‍टाचार ही नहीं, बल्कि कोई राजनीतिक आरोप भी नहीं लगा।’

पीएम ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि ‘वह व्‍यर्थ के मुदों में न उलझें, अपने एजेंडे पर चलें। विरोधी ताकतों की कोशिश हमें उलझाए रखने की होगी और सरकार के कार्यों की चर्चा जनसामान्‍य में न होने पाए, इसकी कोशिश उनकी होगी।’

राजनाथ ने बताया कि पीएम ने भाषण में महात्‍मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘गांधी जी धरती से जुड़े मुद्दों को अपने एजेंडे में रखते हुए उन्‍हें भारत की आजादी की लड़ाई से जोड़ते थे।’ पीएम ने आगे कहा, ‘भाजपा कार्यकर्ता रचनात्‍मक सोच के साथ काम करें। समाज के सभी वर्गों तक कार्यकर्ताओं की पहुंच हो। कार्यकर्ताओं को स्‍वच्‍छता अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों से जुड़ने की आवश्‍कयता है।’

साथ ही उन्‍होंने कार्यकर्ताओं को सतर्क करते हुए कहा कि ‘विरोधी ताकतें व्‍यर्थ के मुद्दे उछालकर हमारी सरकार के अभूतपूर्व कार्यों को उलझाने की कोशिश कर सकती हैं, ताकि वह जनसामान्‍य तक न पहुंच सकें। कार्यकर्ताओं को इससे पूरी तरह अप्रभावित रहना है। अपनी सरकार के रचनात्‍मक कार्यों और विकास को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रियता से काम करें।’

साथ ही पीएम ने कहा कि इस बार का बजट शानदार रहा। बजट में शामिल बड़ी-बड़ी चीजों के अलावा छोटी छोटी बातों को जन-जन तक पहुंचाएं। मसलन, देश में छोटी दुकानें भी हफ्ते में सातों दिन और देर रात तक खुल रह सकेंगी। स्‍वभाविक रूप से इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पीएम ने कहा कि ‘हमारी सरकार का अहम निर्णय देश के साढ़े 18 हजार से अधिक गांव, जिन्‍हें आजादी के बाद भी बिजली नहीं मिली, वहां बिजली पहुंचाना है। इनमें से साढ़े 6 हजार से अधिक गावों में हमारी सरकार ने एक वर्ष से अधिक समय में बिजली पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है। 31 मार्च 2017 तक सभी 18 हजार गांवों में बिजली की रोशनी पहुंचाने का लक्ष्‍य पूरा हो जाएगा।’ पीएम ने यह भी कहा कि ‘जो लोग आजादी मिलने के बाद इतने सालों तक अंधेरे में जिंदगी गुजारते रहे, उनके दर्द, मायूसी को लोग नहीं समझ नहीं सकते, इसलिए ऐसे गांवों में जाकर उन लोगों को साथ लेकर ऊर्जा उत्‍सव का कार्यक्रम आयाजित करें।’

उन्‍होंने भाषण में सूफी संप्रदाय के हालिया आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मलेन की सफलता की भी चर्चा की।

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पाकिस्तानी खिलाड़ियों को विराट कोहली से सीखना चाहिए : मलिक

 

पाकिस्तानी खिलाड़ी शोएब मलिक ने टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया से मिली एक और हार के बाद कहा कि दोनों टीमों के बीच विराट कोहली ही सबसे बड़ा अंतर साबित हुए।

लेकिन शोएब मलिक की यह बात सिर्फ कोलकाता में हुए मैच पर ही नहीं बल्कि विराट के भारतीय टीम में आने के बाद से हर मैच पर फिट होती है। विराट का रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है।

पाकिस्तान के खिलाफ़ छह टी20 मैचों में विराट ने 254 रन 84.66 के औसत से बनाए हैं, 118.69 स्ट्राइक रेट के साथ..78* उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है, वहीं पाकिस्तान के ही खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए 4 मैचों में 218 रन, 218 के ही औसत से बनाए हैं (वह महज एक बार एशिया कप में आउट हुए, जब पिछले महीने उन्होंने मुश्किल पिच पर 49 रनों की पारी खेल मैच जितवाया)

पाकिस्तान के खिलाफ रन बनाने की तो विराट की कुछ खास चाहत है, लेकिन वह बाकी टीमों को भी नहीं छोड़ते। टी-20 मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट 83.60 की औसत से रन बनाते हैं। 18 मैचों में 836 रन, 9 अर्धशतक की मदद से बनाए हैं और 8 बार नॉट आउट रहे हैं।

वहीं सफल रन चेज़ में विराट का औसत 109.16 का हो जाता है। उन्होंने 14 पारियां खेलीं और लक्ष्य का पीछा करते हुए 655 रन बनाए, 8 नॉट आउट, 7 फिफ्टी इसमें शामिल हैं।

पाकिस्तानी खिलाड़ी शोएब मलिक विराट की तारीफ में कहते हैं कि विराट खुद पर बहुत भरोसा करते हैं और यही सबसे बड़ी बात है। वह हालात का सही आकलन करते हैं और उन्हें पता है कि मुश्किल पिचों पर और फ्लैट पिचों पर कैसे बल्लेबाजी करनी है। यही वजह है कि वह निरंतर हैं और आप खुद अपने सबसे बेहतर कोच होते हैं और मुझे लगता है कि हमारे बल्लेबाजों को भी यही करने की जरूरत है।

विराट के ‘विराट’ रिकॉर्ड

  • विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप में अपना तीसरा मैन ऑफ द मैच खिताब जीता और इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर की बराबरी की।
  • पाकिस्तान के खिलाफ 11 विश्व कप और वर्ल्ड टी-20 जीत में दोनों ने 3-3 मैन ऑफ द मैच खिताब जीते हैं
  • विराट के नाम अब 14 अर्धशतक हैं, जो इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा हैं।
  • विराट का औसत 53.55 का है, जो 500 से ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में सबसे ऊपर है। (40 मैच, 1446 रन, 90* सर्वश्रेष्ठ, 53.55 औसत, 132.41 स्ट्राइक रेट, 100/50 – 0/14)

विराट हर मैच को चुनौती की तरह लेते हैं : धोनी
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी विराट के लिए कहते हैं कि मुझे लगता है विराट की सबसे अच्छी बात यह है कि वह हर मैच को एक चुनौती की तरह लेते हैं। वह खुद में निरंतर सुधार करते रहना चाहते हैं और हर मैच में योगदान देना चाहते हैं। रन बनाना चाहते हैं तो वह तैयारी बेहतर करते हैं। वह अपनी फिटनेस का ध्यान रखते हैं। वे जानते हैं और अब समझते हैं कि अलग पिचों पर किस तरह से बल्लेबाजी की जाती है और हम जानते हैं कि एक बार उन्हें शुरुआत मिल जाए तो वह उसे लंबी पारी में तब्दील करते हैं।

पर यह पारी भारतीय टीम के लिए जहां खुशियां लेकर आई है तो एक चिंता भी है। चिंता यह कि क्या भारतीय टीम मुश्किल पिचों पर जीत के लिए सिर्फ विराट पर ही निर्भर हो गई है? लेकिन खैर जो भी हो फिलहाल टीम जीत रही है और विराट और ज्यादा विराट हो रहे हैं, जो भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी खबर है।