नमस्कार, हम यहां यूपी में जल्द आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ता व समकक्ष पदों के लिए भर्ती योग्यता के बारे में जानेंगे,
मीडिया में आयी ख़बर के अनुसार यूपी सरकार 9000 हज़ार से ज्यादा पदों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता व समकक्ष पदों के लिए भर्ती यूपी अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (UPSSSC) के माध्यम से कर सकती है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता व समकक्ष पदों के लिये योग्यता (Qualification of Health Worker and Equivalent Posts):
इस पद के लिये सरकार ने अभी योग्यता के बारे में स्पष्ट नही किया है।लेकिन इसके पद को देखते हुये CMS & ED (सीएमएस & ईडी) एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी योग्यता में शामिल अवश्य हो सकता है।
आइये जाने CMS & ED के लिये योग्यता, कोर्स समय, फ़ीस व संस्थान के बारे में जानें।
CMS & ED का Full Form क्या है ?:
CMS & ED का फुल फॉर्म English में Community Medical Services & Essential Drug होता है। तथा हिन्दी मे इसे सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं एवं आवश्यक औषधि कहते है जिसे जन स्वास्थ्य पाठ्यक्रम नाम से भी जाना जाता है।
CMS & ED क्या है ?:
CMS & ED (सीएमएस & ईडी) कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम है। जिसमें प्रवेश के लिये 10th पास होना अनिवार्य है।
इस एक वर्षीय पाठ्यक्रम में प्राथमिक चिकित्सा उपचार व निवारण देने से समन्धित होता है।
साथ ही इस कोर्स को बहुत से संस्थान 18 माह या 02 वर्ष का कराते है। लेकिन इसमें आपकों सर्टिफिकेट 01 वर्ष डिप्लोमा का ही मिलता है।
जबकि अन्य 06 माह या अधिक 01 वर्ष का किसी अस्पताल में प्रैक्टिकल या कार्य ट्रेनिंग को जोड़कर बताया जाता है।
CMS & ED से फ़ायदा:
यह एक वर्षीय पाठ्यक्रम आपको CMS & ED या जन स्वास्थ्य पाठ्यक्रम में डिप्लोमा प्रदान करता है। जो Indian Health and Education Council,New Delhi द्वारा Approved एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय में संक्रामक रोगों सहित सभी रोगों में प्राथमिक चिकित्सा का कार्य रजिo चिकित्सक के निरीक्षण में करने को मान्य किया है।
CMS & ED के फ़ीस (cms & ed course fees):
इस 01 वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रमके 15 से 30 हज़ार तक या इससे कुछ अधिक फ़ीस अलग अलग संस्थान में हो सकते है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस करने वालों के लिये CMS & ED:
कोरोना आपदा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों व चौक, चौराहें पर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
जब शहर के नामी गिरामी डॉक्टरों ने आम मरीजों के लिये प्रवेश बंद कर दिया था।
तब उस समय इन डॉक्टरों ने सामान्य लक्षण वाले मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा देकर बहुत से लोगों को ठीक होने में मदद की, फिर भी किसी डिग्री के अभाव में लोग इन्हें झोला छाप डॉक्टर, बातचीत में संबोधित करते हैं।
इनके लिये यह CMS & ED 01 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स प्राथमिक चिकित्सा देने के लिये मंजूरी प्रदान करता है।
क्या पूर्व से प्रेक्टिस कर रहे व्यक्ति कोर्स कर सकते है ?
जी, हा अगर आप 10th पास है तो आप अवश्य कर सकते है।इनके लिये तो यह वाकई वरदान है जिनके पास प्राथमिक चिकित्सा के लिये कोई वैध सर्टिफिकेट नही है।
क्याCMS & ED कोर्स सरकारी नौकरी या पंजीकरण के लिये मान्य है ?
जी, हा बिल्कुल मान्य है कोरोना काल मे कई राज्यों में इन्हें स्थाई व अस्थाई रूप से सरकारी तैनाती मिली है।साथ ही माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में इनके पछ में निर्णय दिया है।तथा इसका जारी CMS & ED प्रमाण पत्र पर पूर्ण उल्लेख है।
कुशीनगर : रामकोला थाना क्षेत्र के हरपुर माफी में बुधवार शाम बिजली करंट लगने से वन्यजीव गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार गांव में मकबुल खान के घर के पास से बिजली की मेन सप्लाई गुजरती है। उसी बिजली पोल पर बंदर चढ़ा था।अचानक करंट लगने से पोल लटक गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह नीचे उतारा।
बंदर बुरी तरह झुलसने के साथ-साथ उसका एक हाथ भी टूट गया है। वह कुछ समय तक अचेत अवस्था में रहा। फिर धीरे धीरे से वह पास के एक गेहूँ के खेत में चला गया।
तत्पश्चात गांव के पवन गुप्ता ‘गोरखपुरी’ ने वन विभाग के कर्मियों से संपर्क किया तो वह कुछ लोगों को भेजने के लिए कहा लेकिन थोड़े समय के बाद वह फोन का जवाब देना बंद कर दिया।
फिर गुप्ता ने ट्विटर के माध्यम से यूपी पुलिस से शिकायत किया तो जवाब में संबंधित थाने से कार्यवाही की बात किया गया।
इसके बाद दोबारा शिकायत ट्विटर पर किया गया तो करीब रात 9 बजे दो पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन इलाज की व्यवस्था नहीं करवाया।
ग्रामीणों का कहना है कि रात में बंदर को छोड़ना अनुचित था, क्योंकि गांव के आवारा कुत्तों ने बार-बार बंदर पर हमला कर रहे थे ।
गांव के मकबुल खान, इसहाक, मोहन गुप्ता, रविन्द्र यादव, विनोद लाल, विजेंद्र, बृजेश, मयंक, सोनू इत्यादि लोगों ने रात भर जगकर बंदर की रखवाली की, साथ ही साथ पानी और खाने की भी व्यवस्था किए।
सुबह एक अन्य अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण लगभग सभी स्टाफ यही थी पर अभी 2 लोगों को भेजकर बंदर की इलाज की व्यवस्था करवाया जा रहा है।
बार-बार संपर्क करने के बाद गुरुवार सुबह 9 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गांव वालों ने ऑटो रिक्शा की व्यवस्था किया, उस पर वन विभाग की टीम ने बंदर को अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए भेजवाया।
कुशीनगर : जिले के थाना अहिरौली बाजार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सेन्दुरिया में 04 वर्षीय बच्चे की माँ द्वारा अपने बच्चें की हत्या कर, आत्म हत्या का प्रयास किया गया।
वही आस पास के लोगों द्वारा पुलिस को सूचना देने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चें का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
वही घायल मां को अस्पताल भेजवाया गया जहां हालत गंभीर है।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने इसे पारिवारिक विवाद में गुस्से में आकर महिला द्वारा यह घटना करने की बात कही है।
गोरखपुर : सोनबरसा के विश्वनाथ उपाध्याय मेमोरियल फाउंडेशन पब्लिक स्कूल सुरसर देवरी गोरखपुर में भारतीय स्काउट गाइड गोरखपुर के तत्वाधान में सोपन द्वितीय का आरंभ 22 फरवरी को शुरु हुआ।
तथा 24 फरवरी को संपन्न हुआ।
जिसमें सभी कक्षा 5 से लेकर कक्षा 9 तक के सभी छात्र छात्राओं ने प्रमुखता से प्रतिभाग लिया सकुशल कैंप का आयोजन किया गया।
इस दौरान प्रबंधक गिरजा उपाध्याय, प्रधानाध्यापक रशिता मिश्रा व राजेश गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता व समस्त अध्यापक गण समस्त अध्यापकगण संचालक अभिषेक उपाध्याय उपस्थित रहे l
कुशीनगर : गुरुवार को थाना तुर्कपट्टी क्षेत्रांतर्गत ग्राम खिरिया पाण्डेय टोला में गन्नें के खेत से एक युवक का शव मिला जिसके गले पर कटे का निशान देखा गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया वही मृतक युवक की शिनाख्त तुर्कपट्टी थाना क्षेत्रांतर्गत गांव के शंकरपुर नौगावां के निवासी मुन्ना मद्धेशिया के रूप में हुआ।
जो 03 दिन पूर्व अचानक गायब हो गए थे तथा इनकी पत्नी द्वारा थाने में गुमशुदगी का रिपोर्ट भी कराई थी।
बरहाल पुलिस इस हत्याकांड के खुलासा के लिए जांच पड़ताल कर रही है। जल्द ही खुलासे की उम्मीद है।p
कुशीनगर : बुधवार को फाजिलनगर ब्लाक के अवरवा सोफीगंज के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले एक दर्जन बच्चों ने विद्यालय के पास लगे जेट्रोफा के फल को खा लिया।
कुछ समय बाद इन सभी को उल्टी की समस्या होने लगी, इनकी हालत देख बच्चों के परिजनों ने फाजिलनगर सीएचसी ले गए।
वही जानकारी होने पर डीएम रमेश रंजन ने सीएमओ को तत्काल बच्चों के ईलाज व देखभाल के लिए सीएचसी भेजा।
जहां बच्चों का ईलाज चल रहा था, सीएमओ द्वारा बच्चों का जांच किया गया। ख़बर लिखें जाने तक सभी बच्चों के स्वस्थ अब ठीक बताया गया।