Friday, January 30, 2026
Home Blog Page 8

सड़क दुर्घटना: कुशीनगर में NH 28 पर हादसा, तीन की मौत, 10 घायल

0

कसया थाना क्षेत्र के पकवाइनार स्थित NH 28 पर बुधवार को एक भयानक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना एक अनियंत्रित ट्रेलर के दूसरे साइड में घुसकर कई वाहनों को टक्कर मारने से हुई।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 28) पर जा रहा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर ट्रेलर सड़क के दूसरे साइड में जा घुसा और वहाँ से गुज़र रहे ई-रिक्शा, एक ट्रक, और एक ट्रैक्टर में ज़ोरदार टक्कर मार दी।

​टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही चीख़-पुकार मच गई। टक्कर के कारण राजमार्ग पर गाड़ियों का मलबा बिखर गया, जिससे NH 28 पूरी तरह से जाम हो गया।

इस हादसे में तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने कसया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर उपचार के दौरान अंतिम साँस ली। तीसरे घायल की मौत ज़िला अस्पताल में हुई।

​दुर्घटना में 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कुशीनगर में तीन बच्चों की रहस्यमयी बुखार से मौत मामला : एक बच्ची में लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि, प्रशासन ने शुरू की जांच और राहत कार्य

कुशीनगर, 1 दिसंबर 2025 (संवाददाता): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक स्थित ढोलहा गांव के गुलहरिया टोला में एक ही परिवार के तीन बच्चों की 48 घंटों के अंदर बुखार से मौत हो गई थी।

इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। जिला प्रशासन के अनुसार, मृत बच्चों में से एक बच्ची खुशी के रक्त परीक्षण में लेप्टोस्पायरोसिस नामक बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हुई है, जो चूहों और अन्य जानवरों के मूत्र से दूषित पानी के माध्यम से फैलता है।

सोमवार को गोरखपुर मंडलायुक्त और डीआईजी ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी और सीएमओ के साथ गांव का दौरा किया। पीड़ित परिवार से मिलकर स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य प्रयासों की समीक्षा की गई।वही जारी बयान में जिला प्रशासन द्वारा बताया गया की घर-घर जाकर 731 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो सभी सामान्य पाए गए। 18 बच्चों के रक्त सैंपल गोरखपुर भेजे गए, और तीन अन्य बच्चों का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में चल रहा है। वर्तमान में गांव में कोई नया केस नहीं है, और सभी बुखार पीड़ित बच्चे स्थिर हैं।

निवारक उपायों के तहत फीवर सर्वे किया गया, एंटी-लारवल स्प्रेइंग, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है । बच्चे विशेषज्ञों की तीन शिफ्टों में 24 घंटे निगरानी में डुयटी और एक एंबुलेंस गांव में तैनात है। चूंकि लेप्टोस्पायरोसिस चूहों, छछूंदरों और पशुओं से फैलता है, इसलिए पशु चिकित्सा और कृषि अधिकारियों का सहयोग लिया जा रहा है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष व्यवस्था की गई है।

कुशीनगर में अंतरजनपदीय चोरी-टप्पेबाजी गिरोह का भंडाफोड़: 7 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, लाखों के आभूषण और नकदी बरामद

0

कुशीनगर जिले में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतरजनपदीय चोरी और टप्पेबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। कसया थाने की पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में 7 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से चोरी के पीली और सफेद धातु के आभूषणों के साथ-साथ 1,92,500 रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।

यह जानकारी पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में 6 देवरिया जिले के निवासी हैं, जबकि एक गोरखपुर जिले का है। ये अभियुक्त कुशीनगर, देवरिया और गोरखपुर जिलों में कई चोरी और टप्पेबाजी के मामलों में वांछित थे। कुल 7 बड़े मुकदमों में इनकी तलाश चल रही थी।

गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से बस स्टैंड, मेलों और बाजारों में महिलाओं को निशाना बनाते थे, जहां वे ध्यान भटकाकर आभूषण और नकदी चुराते थे।बरामदगी में पीली धातु (सोना) के आभूषणों में 1 जोड़ी झुमका, 2 चेन, 1 मंगलसूत्र और 1 लॉकेट शामिल हैं। वहीं, सफेद धातु (चांदी) के आभूषणों में 1 जोड़ी पायजेब और 1 जोड़ी पायल बरामद हुई है। पुलिस का अनुमान है कि इन आभूषणों की कीमत लाखों रुपये में है।

इसके अलावा, 1,92,500 रुपये की नकदी भी जब्त की गई है। यह बरामदगी गिरोह की सक्रियता को दर्शाती है, जो लंबे समय से क्षेत्र में अपराध फैला रहा था। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। टीम ने अभियुक्तों को घेरकर गिरफ्तार किया, और पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे। फिलहाल, गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ जारी है, और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कुशीनगर में बस दुर्घटना: बारातियों से भरी बस पुलिया से गिरी, एक की मौत, आठ घायल

कुशीनगर जिले में सड़क हादसा हुआ, जिसमें बारातियों से भरी एक बस रेलिंग रहित पुलिया से नीचे गिर गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। घटना कासया-पडरौना मार्ग पर हुई, जहां बस में लगभग 40 यात्री सवार थे।

बस बारात लेकर जा रही थी, जब चालक का नियंत्रण खो जाने से वह असुरक्षित पुलिया से नीचे खाई में जा गिरी। दुर्घटना स्थल पर बस उलटकर क्षतिग्रस्त हो गई,स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

कुशीनगर: कप्तानगंज सीएचसी में नवजात चोरी का प्रयास विफल, परिजनों की सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी

कुशीनगर : कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में देर रात एक महिला और पुरुष ने नवजात शिशु को चुराने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों की सतर्कता और अस्पताल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई से यह वारदात टल गई। घटना से अस्पताल में दहशत का माहौल है और स्थानीय पुलिस जांच में जुटी हुई है।

घटना शुक्रवार देर रात की है, जब सीएचसी के नवजात वार्ड (एनबीएसयू वार्ड) में एक नवजात शिशु को उसके बिस्तर से उठाकर भागने की कोशिश की गई। ख़बर के अनुसार, एक महिला ने शिशु को गोद में लिया और एक पुरुष के साथ अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की।

लेकिन शिशु के परिजनों ने समय रहते इस पर ध्यान दिया और शोर मचाकर अन्य लोगों को अलर्ट कर दिया। अस्पताल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, कप्तानगंज पुलिस द्वारा प्रकरण की जांच की जा रही है।

कुशीनगर मेडिकल कॉलेज से चोरी हुआ नवजात शिशु सकुशल बरामद, एसपी ने पिता को सौंपा

कुशीनगर जिले में स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, रविंद्रनगर धूस से चोरी हुए एक दिवसीय नवजात शिशु को पुलिस ने पडरौना थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने खुद बच्चे को उसके पिता के सुपुर्द किया, वही परिजन ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

अभी बच्चा फिर जिला अस्पताल के सीसीएसयू में ईलाज हेतु पहुंच चुका है।

बरामदगी के संबंध में प्राप्त सूचना अनुसार पडरौना कोतवाली क्षेत्र के मनिकौरा गाँव में स्थित बिंद टोली की महुअवा कुटी से बरामद किया गया।

जहां एक महिला जिसका नाम माया देवी जिनके पति नहीं है उसने नवजात को एसएनसीयू वार्ड से उठा लिया था।उक्त ग्राम प्रधान के सूचना पर पुलिस टीम ने सकुशल बरामद किया।

कुशीनगर जिला अस्पताल से नवजात शिशु की चोरी: परिवार का बुरा हाल, पुलिस जांच में जुटी

कुशीनगर जिला अस्पताल में एक घटना सामने आई है, जहां एसएनसीयू वार्ड से एक नवजात शिशु के चोरी होने का आरोप लगा है। यह घटना उस दंपत्ति के लिए और भी दुखद है, जिन्हें आठ वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद संतान सुख प्राप्त हुआ था। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना के अनुसार, शिशु का जन्म कल शाम (25 नवंबर) को सामान्य डिलीवरी से हुआ था।

जन्म के बाद शिशु को नर्स द्वारा विशेष देखभाल के लिए एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में रखा गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था। लेकिन आज दोपहर बाद से शिशु अचानक गायब हो गया। शिशु के पिता प्रदीप ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा में भारी चूक हुई है। परिजनों ने बताया कि वे अस्पताल में ही थे, लेकिन गार्ड द्वारा कई घंटे तक गेट बंद रखा गया, नवजात शिशु के पिता ने बताया की मै अपने बच्चे को सुबह 9 बजे देखा लेकिन उसके बाद कई घंटे तक गेट बंद रखा गया और जब गेट खुला तो दोपहर में जाने पर मेरा बच्चा वह नहीं था पूछने पर वह मौजूद नर्स कोई सही जबाब नहीं दे रही थी।

रविंद्र नगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रविंद्रनगर धूस थाने की टीम द्वारा जांच की जा रही है और उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है।

कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल का निरीक्षण, दलालों के प्रभाव पर बड़ा बयान

कुशीनगर : कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आर.के. शाही ने मरीजों से शिकायत मिलने के बाद दलाली (मध्यस्थों द्वारा रोगियों को निजी सेवाओं की ओर मोड़ने) की समस्या पर जिला चिकित्सालय कॉलेज परिसर में अचानक निरीक्षण किया और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की।

इस दौरान तैनात सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए कि निजी एम्बुलेंस को परिसर में आने पर तत्काल पुलिस को रिपोर्ट करें।प्रिंसिपल शाही ने कॉलेज के गलियारों में घूमकर कर्मचारियों से बात की और प्रशासनिक डेस्क पर चर्चा की। निरीक्षण के दौरान संदिग्धों को रोका गया परिसर में घूमने पर पूछ ताछ की गई।

गौरतलब है जिला अस्पताल में दलालों के प्रभाव से जुडी ख़बर सोशल मीडिया और मीडिया में अक्सर मिलती है जहां वहां के कार्यरत कर्मियों से मिली भगत कर मरीजों आर्थिक नुकसान पहुंचाते है। जहां दलाल मरीजों को कमीशन के लिए निजी क्लिनिकों की ओर भेजते हैं।

सड़क सुरक्षा खतरे में! यात्री बसें ढो रहीं अवैध माल, कौन अफसर है इस ‘गड़बड़ी’ का जिम्मेदार ?

कुशीनगर – जिले के तमकुही राज इलाके में एक हाईवे पर देखी गई एक बस की तस्वीर ने सरकारी विभागों की लापरवाही को उजागर किया है। इस बस को माल ढुलाई के लिए ट्रक की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसकी छत पर भारी मात्रा में बोरे और सामान लदे हुए थे।

सोशल मीडिया पर शेयर की गई इस तस्वीर में बस का नंबर BR 28 P 3141 और नाम “WARIS PIYA” साफ दिखाई दे रहा है, जहां एक व्यक्ति छत पर चढ़कर सामान व्यवस्थित कर रहा है। यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि जीएसटी चोरी का भी उदाहरण है, क्योंकि यात्री बसों को माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल करने से फ्रेट टैक्स से बचा जा सकता है।

यह तस्वीर पत्रकार राजनेश कुमार राय द्वारा 24 नवंबर को पोस्ट की गई थी, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी यूपी, कुशीनगर पुलिस और डीएम कुशीनगर को टैग कर कार्रवाई की मांग की। राय ने लिखा, “बस की यह फोटो आज शाम को तमकुहीराज, कुशीनगर में हाइवे पर की है जहाँ पर विभाग की उदासीनता से बस को लगेज व्हाईकिल(ट्रक) बनाकर माल ढूलाई का प्रयास किया जा रहा। बसों से जीएसटी चोरी के साथ साथ आये दिन दुर्घटना हो रही है, सभी मौन है।”

कुशीनगर: डीएम ने मतदाता सूची संशोधन कार्य की धीमी गति पर जताई नाराजगी, 25 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश

0

कुशीनगर : जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कुशीनगर ने आज तमकुहीराज, हाटा और मुजहना मतदान केंद्रों पर विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसआईआर कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को तत्काल गति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए।डीएम ने बीएलओ को एसआईआर फॉर्मों के वितरण, संग्रहण और ऑनलाइन प्रविष्टि को हर हाल में समय सीमा के अंदर पूरा करने का आदेश दिया।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे 25 नवंबर तक अपना एसआईआर फॉर्म भरकर बीएलओ को अवश्य सौंपें, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित बनी रहे। यह कदम आगामी चुनावों में मतदाता भागीदारी को मजबूत करने और फर्जी मतदाताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।