विद्यालय में छात्रा की मौत के बाद प्रशासन सख्त, शव पोस्टमार्टम के लिए निकलवाया गया

कुशीनगर जनपद के अंतर्गत नेबुआ नौरंगिया विकासखंड के महुअवां गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में कक्षा सातवीं की छात्रा नेहा भारती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। 

छात्रा की मौत के बाद उठे सवालों और ग्रामीणों के विरोध को गंभीरता से लेते हुए अब शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट पडरौना सर्वेश कुमार की मौजूदगी में किए जाने की जानकारी सामने आई है।

नेहा भारती रामपुर भाठ गांव की अहीर टोली निवासी राजाराम की पुत्री थी और महुअवां स्थित कंपोजिट जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात में पढ़ती थी। बुधवार को वह रोज की तरह विद्यालय पढ़ने गई थी।

बताया गया कि कक्षा में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। सहपाठियों की मदद से उसे तत्काल पास के निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां से चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया।

इसके बाद परिजन छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय जांच और प्राथमिक उपचार के बाद उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, बाद में परिजनों और ग्रामीणों ने छात्रा की मौत को लेकर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया था।

शिक्षक की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

घटना के समय विद्यालय में शिक्षक की मौजूदगी को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति नहीं रहती थी और उनकी गैरमौजूदगी के कारण छात्रा को समय पर आवश्यक सहायता नहीं मिल सकी। हालांकि, शिक्षक की गैरमौजूदगी और घटना के बीच कारणात्मक संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है तथा प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। विभाग की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शव को लेकर प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया

घटना के बाद छात्रा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की गई है। इससे छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों का चिकित्सकीय परीक्षण के माध्यम से पता लगाने की उम्मीद है।

वहीं, सोशल मीडिया पर मामले के प्रसारित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रकरण का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि सामने आने तक इसे केवल जानकारी या चर्चा के रूप में ही देखा जाना उचित होगा।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही छात्रा की मौत की वास्तविक परिस्थितियों तथा किसी स्तर पर हुई लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पवन गुप्ता 'गोरखपुरी'