Saturday, January 31, 2026
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कुशीनगर में भिड़ी यूपी और बिहार पुलिस, बिना नंबर प्लेट गाड़ी और सादे कपड़े में होना बना विवाद

कुशीनगर: सोशल मीडिया पर जिले के तमकुहीराज थाना के समऊर पुलिस चौकी क्षेत्र के गगुआ बाजार का मामला वायरल है।

जहां बिना नम्बर प्लेट के लग्जरी कार से आए सादे कपड़े में बिहार पुलिस के कर्मियो से यूपी पुलिस के जवानों के बीच कहासुनी हुई थी।

बताया जा रहा है कि बिहार पुलिस का दावा था की वह शराब तस्कर की तलाश में आई है। लेकिन मौके पर सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने उनके दावों पर आपत्ति जताया की बिना नंबर प्लेट की गाड़ी और बिना वर्दी और बिना पूर्व सूचना के कैसे ?

हालाकि इस मामले की गंभरिता को देखते हुऐ पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने जांच का आदेश दिया है।

गंगोत्री से कुशीनगर पहुँचे सुतत्व ऋजु सहित चार साईकिल यात्रियों को रोटरी ने किया सम्मानित

कुशीनगर: गुरुवार की रात गंगोत्री से कुशीनगर पहुँचे चार साईकिल यात्रियों का रोटरी क्लब कुशीनगर के सदस्यों ने कसया स्थित होटल कलश में अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। झारखंड प्रान्त के 12 वर्षीय सुतत्व ऋजु विश्व शांति संदेश यात्रा पर अन्य तीन साईकिल यात्रियों के साथ निकले हैं।

12 दिसम्बर को पवित्र गंगोत्री धाम (उत्तराखंड) से गंगा जल लेकर विश्व शांति संदेश का आहवाहन कर साईकिल चला कर 2000 किलोमीटर की यात्रा सम्पन्न कर बाबा वैधनाथ धाम (झारखंड) में जल चढ़ाने निकल पड़े सुतत्व ऋजु ने आज अपनी आधी से अधिक यात्रा कुशीनगर पहुंच कर पूरी की। इसमें इन्होंने गंगोत्री से उत्तरकाशी (115 कि.मी) फिर उत्तरकाशी से चंबा (120 कि.मी), चंबा से हरिद्वार (110 कि.मी), हरिद्वार से मुरादाबाद (180 कि.मी), मुरादाबाद से शाहजहाँपुर (185 कि.मी), शाहजहाँपुर से लखनऊ (155 कि.मी), लखनऊ से अयोध्या (130 कि.मी) तथा अयोध्या से कुशीनगर (183 कि.मी) तक की अब तक की कुल 1200 किलोमीटर की साईकिल यात्रा रात्रि विश्राम करते हुए पूरा किया।

इस यात्रा में उनके साथ बिहार के निवासी प्रसिद्ध साइकलिष्ट श्री राकेश कुमार पवन (48 वर्ष) श्री विजय कुमार (52 वर्ष) तथा श्री राम भगवान (62 वर्ष) साथ में साईकिल से चलकर ऋजु का मार्गदर्शन कर उसका हौसला बढ़ा रहे हैं। ये सभी साईकिल की दुनिया में कई ख्यातियाँ अपने नाम कर चुके हैं। राँची रहकर पढ़ाई करने वाले पलामू के मूल निवासी सुतत्व ऋजु ए. एस.टी. वी. एस जिला विद्यालय, रांची के कक्षा 7 के छात्र हैं, और अभी खेलगाँव साईकिल एकेडमी, राँची के मुख्य साईकिल प्रशिक्षक श्री राम भट्ट एवं प्रथम कुमार के मार्गदर्शन में साईकिल सीख रहे है।

उनके इस 2000 किलोमीटर के गंगोत्री से वैद्यनाथ धाम तक की यात्रा में सुतत्व के पिता सोमित्रो बोराल निजी वाहन से साथ-साथ चल कर उनका सहयोग कर रहे हैं। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए रोटरी कुशीनगर के अध्यक्ष वाहिद अली ने सुतत्व ऋजु सहित अन्य साईकिल यात्रियों को अग्रिम बधाई दी।

इस अवसर पर रोटरी के अध्यक्ष वाहिद अली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय गुप्ता एवं उपाध्यक्ष अजय सिंह मौजूद रहे।

संकल्प यात्रा से लोगों को किया गया जागरूक

कुशीनगर जनपद के विकास खंड नेबुआ नौरंगिया के अंतर्गत हरपुर माफी प्राथमिक पाठशाला के प्रांगण में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत चौपाल का आयोजन किया गयाl इस यात्रा के लिए निकल गई एलईडी वैन जब गांव में प्रवेश किया तो भाजपा पदाधिकारी ने जोरदार स्वागत कियाl 

एलईडी वैन के माध्यम से डबल इंजन सरकार की योजनाओं व उपलब्धियां की जानकारी दी गईl मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक विवेकानंद पांडे ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई, कहा कि इस यात्रा के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जा रहा है ताकि लाभ से वंचित परिवार को लाभ मिल सकेl उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कटिबंध हैl सरकार युवाओं, किसानों के साथ गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रही हैl

गांव के सुगंधि, सुनारिका, मिश्री इत्यादि 40 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र एवं पीएम आवास की चाभी वितरण किया गयाl

कई विभाग के अधिकारी उपस्थित होकर लोगों की समस्याओं को सुना और जानकारी भी दीl कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष हरि गोविंद रौनियार व संचालन फतेह बहादुर ने कियाl

कार्यक्रम संयोजक रामाधार राजभर, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शेषनाथ यादव, वीडियो उषा पाल, एडीयो पंचायत मोहन सिंह, सचिव अवनीश त्रिपाठी, वैन नोडल निरज गोंड, डे नोडल संतोष कुमार, पी.जी. ‘गोरखपुरी’, गोबर्धन, हरिश्चंद, जगत नारायन, मोहन गुप्ता, रामअवध, विनोद लाल, विजेंद्र कुमार, मिथलेश, प्रेमचंद, कविता गिरी व इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

सभासद प्रतिनिधि पर हुआ जानलेवा हमला, डॉक्टरों ने किया गोरखपुर रेफर

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कुशीनगर : जिले के कुशीनगर नगर पालिका परिषद के वार्ड- 23 के सभासद प्रतिनिधि कमलेश शर्मा पर जानलेवा हमला धारदार हथियार से करने का प्रकरण प्रकाश में आया है।

वही उनकी हालत को देखते हुए सीएचसी कसया से डॉक्टर ने गोरखपुर रेफर कर दिया है।

बताया जा रहा है कि छट पूजा पर गांव में एक कार्यक्रम में आपसी कहासुनी के दौरान गांव के ही राम परवेश शर्मा पर चाकू मारने का आरोप है।

वहीं पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दिया है।

कुशीनगर में नकली गुटखा बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

कुशीनगर : नकली गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री पर SDM का छापा, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली गुटखा बरामद, पुलिस ने मौके से दो लोगों को किया गिरफ्तार, विभिन्न गुटखा कंपनियों के नाम से बनाते थे नकली गुटखा, रामकोला थाना क्षेत्र के चंद्रपुर लछिया गांव का मामला

सौ: bstv

कुशीनगर में मां दुर्गा पंडाल में पहुँचे बंदर ने प्रणाम कर लिया प्रसाद, विडियो वायरल

कुशीनगर : जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सरिसवा गांव में बने मां दुर्गा पंडाल में कुछ ऐसा हुआ जिसकी चर्चा जोरों पर है। घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जहां लोग अपने तर्क और आस्था अनुसार अपनी राय और आनंद लें रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मां दुर्गा के प्रतिमा पंडाल में कुछ युवक बैठे थे तभी एक बंदर आया जिसने मां दुर्गा प्रतिमा के सामने खड़े होकर पूरी आस्था से प्रणाम किया फिर मां दुर्गा प्रतिमा के पास रखे फल प्रसाद को लेकर चला गया।

इस पूरी घटना का वहा बैठे युवकों ने विडियो बनाया तथा सोशल मीडिया पर डाला जिसके बाद यह वायरल है।

जिला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में सुनिधि ने मारी बाजी

कुशीनगर – जिले में रविवार को जिला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l इस प्रतियोगिता का आयोजन श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज हाटा व आरपी सेंट्रल अकादमी सेखुई खास दो परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई l जिला स्तरीय समान ज्ञान प्रतियोगिता में कक्षा 3 से लेकर परास्नातक तक के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

इस प्रतियोगिता में बच्चों से सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं के अलावा गणित, अंग्रेजी व हिंदी से भी सवाल पूछे गए थे l पेपर का मॉडल औसत में रहा, ज्यादा कठिन हो ज्यादा आसान प्रश्न नहीं पूछा गया था l बच्चों को सामान्य ज्ञान के प्रश्नों ने उलझाए रखाl

प्रतियोगिता का शुभारंभ आयोजक आदर्श कश्यप ने श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में बच्चों को प्रश्न पत्र बांटकर किया l प्रतियोगिता में एमजीडी स्कूल की छात्रा सुनिधि तिवारी ने पहला स्थान प्राप्त किया।लगभग सैकड़ो पुरस्कार प्रतियोगियों को वितरण किया गया।

पुरस्कार वितरण मुख्य अतिथि सुकरौली चेयरमैन राजनेति कश्यप ने किया l उन्होंने सभी प्रतियोगियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी l

समन्वयक आदेश गुप्त ने कहा कि सभी प्रतियोगियों को परीक्षा में शामिल होना ही उनका विजय है l निराश ना हो, असफलता से ही सफलता का परिणाम निकलता है l

आदर्श कश्यप का कहना है कि इस प्रतियोगिता का आयोजन का मकसद है हमारे जिले के छोटे से छोटे क्षेत्र के बच्चों का मनोबल बढ़ाना, जिससे वह आगामी प्रतियोगियों के लिए तैयार हो सके l

वही पवन गुप्ता गोरखपुरी का कहना है कि बच्चों को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार रखने के लिए यह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है l जिससे वह डर, भय से दूर होकर मानसिक रूप से आगामी परीक्षाओं के लिए तैयार हो सकें l

इस प्रतियोगिता में पवन गुप्ता, अंजेश, शिवेंद्र, धर्मेंद्र, आदित्य, डबलू, रमेश व आदि लोगों का सहयोग रहा l

पडरौना तहसील में ऑनलाइन खतौनी जारी करने की सेवा प्रारम्भ…

कुशीनगर: अब पडरौना तहसील के किसानों को खतौनी के लिए तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।नेट से जुड़ जाने से वह साइबरकैफ़े या सहज केंद्र के माध्यम से किसान अपनी खतौनी निकाल सकता है।

पहले जहां खतौनी के लिए किसानों को तहसील आना पड़ता था, वहीं नई व्यवस्था से किसान सहज जनसेवा या किसी साइबर कैफे से निकलवा सकते हैं। आनलाइन खतौनी पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होती है।

ऑनलाइन खतौनी-इंतखाप देखें क्लिक करें

ऑनलाइन भूमि -नक्सा देखें   

कुशीनगर जिला

कुशीनगर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला एवं एक छोटा सा कस्बा है। इस जनपद का मुख्यालय कुशीनगर से करीब 15 किमी दूर पडरौना में स्थित है। कुशीनगर जिला पहले देवरिया जिले का भाग था। कुशीनगर जिले के पूर्व में बिहार राज्य, दक्षिण-पश्चिम में देवरिया जिला, पश्चिम में गोरखपुर जिला, उत्तर-पश्चिम में महराजगंज जिला स्थित हैं। कुशीनगर जिले में ग्रामों की संख्या 1446 हैं।

कुशीनगर का इतिहास…

हिमालय की तराई वाले क्षेत्र में स्थित कुशीनगर का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन व गौरवशाली है। वर्ष 1876 ई0 में अंग्रेज पुरातत्वविद ए कनिंघम ने आज के कुशीनगर की खोज की थी। खुदाई में छठी शताब्दी की बनी भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा मिली थी इसके अलावा रामाभार स्तूप और और माथाकुंवर मंदिर भी खोजे गए थे। वाल्मीकि रामायण के मुताबिक यह स्थान त्रेता युग में भी आबाद था और यहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी थी जिसके चलते इसे कुशावती के नाम से जाना गया। पालि साहित्य के ग्रंथ त्रिपिटक के मुताबिक बौद्ध काल में यह स्थान षोड्श महाजनपदों में से एक था और मल्ल राजाओं की यह राजधानी।

तब इसे कुशीनारा के नाम से जाना जाता था। पांचवी शताब्दी के अंत तक या छठी शताब्दी की शुरूआत में यहां भगवान बुद्ध का आगमन हुआ था। कुशीनगर में ही उन्होंने अपना अंतिम उपदेश देने के बाद महापरिनिर्माण को प्राप्त किया था। कुशीनगर से 16 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में मल्लों का एक और गणराज्य पावा था। यहाँ बौद्ध धर्म के समानांतर ही जैन धर्म का प्रभाव था। माना जाता है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर जैन (जो बुद्ध के समकालीन थे) ने पावानगर (वर्तमान में फाजिलनगर) में ही परिनिर्वाण प्राप्त किया था। इन दो धर्मों के अलावा प्राचीन काल से ही यह स्थल हिंदू धर्मावलंम्बियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

गुप्तकाल के तमाम भग्नावशेष आज भी जिले में बिखरे पड़े हैं इनमें तकरीबन डेढ़ दर्जन प्राचीन टीले हैं जिसे पुरातात्विक महत्व का मानते हुए पुरातत्व विभाग ने संरक्षित घोषित कर रखा है। उत्तर भारत का इकलौता सूर्य मंदिर भी इसी जिले के तुर्कपट्टी में स्थित है। भगवान सूर्य की प्रतिमा यहां खुदाई के दौरान ही मिली थी जो गुप्तकालीन मानी जाती है। इसके अलावा भी जनपद के विभिन्न हिस्सों में अक्सर ही जमीन के नीचे से पुरातन निर्माण व अन्य अवशेष मिलते ही रहते हैं। कुशीनगर जनपद का जिला मुख्यालय पडरौना है जिसके नामकरण के संबंध में यह कहा जाता है कि भगवान राम विवाह के उपरांत पत्नी सीता व अन्य सगे-संबंधियों के साथ इसी रास्ते जनकपुर से अयोध्या लौटे थे। उनके पैरों से रमित धरती पहले पदरामा और बाद में पडरौना के नाम से जानी गई।

जनकपुर से अयोध्या लौटने के लिए भगवान राम और उनके साथियों ने पडरौना से 10 किलोमीटर पूरब से होकर बह रही बांसी नदी को पार किया था। आज भी बांसी नदी के इस स्थान को रामघाट के नाम से जाना जाता है। हर साल यहां भव्य मेला लगता है जहाँ उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों श्रद्धालु आते हैं। बांसी नदी के इस घाट को स्थानीय लोग इतना महत्व देते हैं कि सौ काशी न एक बांसी की कहावत ही बन गई है। मुगल काल में भी यह जनपद अपनी खास पहचान रखता था।

कुशीनगर में तहसीलें…

कुशीनगर जिले में 6 तहसीलें हैं – पडरौना, कुशीनगर, हाटा, तमकुहीराज , खड्डा, कप्तानगंज शामिल है.

कुशीनगर में ब्लाक या विकासखण्ड

कुशीनगर जिले में 15 विकासखण्ड हैं – पडरौना, बिशुनपुरा, कुशीनगर, हाटा, मोतीचक, सेवरही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, दुदही, फाजिल नगर, सुकरौली, कप्तानगंज, रामकोला और तमकुहीराज।

कुशीनगर के प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल

कुशीनगर का परिनिर्वाण मंदिर

कुशीनगर में मुख्य रूप से महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप तथा माथाकुँवर मंदिर है। इसके अलावा जिले में मुख्य रूप से कुछ सांस्कृतिक तथा धार्मिक स्थान हैं।

तुर्कपट्टी का सूर्य मंदिर

तुर्कपट्टी बाजार से लगभग 800 मीटर दक्षिण की ओर एक सूर्य मंदिर है। कुशीनगर का ‘कोणार्क’ कहे जाने वाले इस स्थान पर मिले सूर्य प्रतिमा की कथा सुदामा शर्मा से जुड़ी है। परिवार के लोगों के आकस्मिक निधन से परेशान श्री शर्मा ने रात में सपना देखा। स्वप्न में देखे गए स्थान की खुदाई में नीलमणि पत्थर की दो खंडित प्रतिमाएं मिली। अध्ययन के बाद इतिहासकारों ने बताया कि इनमें मिली मूर्तियां गुप्तकालीन हैं। एक प्रतिमा सूर्यदेव की है। 24 अप्रैल 1998 को इस प्रतिमा की चोरी हो गई थी, लेकिन पुलिस के प्रयास से प्रतिमा को बरामद कर लिया गया। अब यहां मंदिर बन चुका है। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहता है। इस मूर्ति की विशेषता है कि सूर्य के उगने के साथ ही मूर्ति की चमक बढ़ती है और दोपहर बाद मूर्ति की चमक मंद पड़ने लगती है।

कुशीनगर में गन्ना उत्पादन…

यहां गन्ने की सर्वाधिक खेती की जाती है। अतः यहां चीनी मिलों की अधिकता है। इस जिले में निम्न स्थानों पर मिलें स्थापित की गयी है- सेवरही, पडरौना, खड्डा, कप्तानगंज, रामकोला (02), लक्ष्मीगंज, कटकुंइयाँ, छितौनी,हाटा ढाडा मिल है.परन्तु इनमे अधिकतर बंद पड़ी है.

सौजन्य – विकिपीडिया से  

कुशीनगर में तहसील कितने है,खसरा-खतौनी कैसे देखें या निकाले ?

कुशीनगर : नमस्कार दोस्तों,यह पोस्ट आप तहसील(Tahsil) और खसरा(Khasra),खतौनी(Khautauni) देखने (खसरा-खतौनी कैसे देखें )और निकालने के बारे में पढ़ रहे है।

कुशीनगर में 06 तहसील है।

  1. पडरौना (Padrauna Tahsil)
  2. कसया (Kasya Tahsil)
  3. हाटा (Hata Tahsil)
  4. तमकुहीराज (Tamkuhiraj Tahsil)
  5. कप्तानगंज (Kaptanganj Tahsil)
  6. खड्डा (Khadda Tahsil)

खसरा-खतौनी कैसे देखें…

खसरा-खतौनी कैसे देखें – आप अगर अपना खसरा या खतौनी देखना या निकालना चाहते है तो 03 विकल्प है।

  1. Official वेबसाइट द्वारा
  2. सहज या csc केन्द्र के माध्यम से
  3. तहसील द्वारा

Official वेबसाइट द्वारा :

Up bhulekh की आधिकारिक साइट द्वारा आप अपना खसरा या खतौनी देख या प्रिंट निकाल सकते है।(नोट : इसका प्रिंट प्रमाणित प्रति नही होता,कई जगह मान्य नही है)

Khautauni,Tahsil

सहज या csc केन्द्र के माध्यम से :

आप अपनी खसरा या खतौनी नजदीकी सहज या csc केंद्र से निकलवा सकते है।साथ ही इनके द्वारा अपना मोहर लगाने पर अप्रमाणित होते भी सरकारी कार्यों में लगा सकते है।

तहसील द्वारा :

अगर आप अपने खसरा या खतौनी की की आधिकारिक प्रमाणित चाहते है तो अपने तहसील से निकलवा सकते है।

जिसका प्रयोग आप सभी सरकारी कार्यो न्यायालय के लिये भी कर सकते है। 

अपना खसरा या खतौनी देखने के लिये क्लिक करें।