कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की छितौनी नगर पंचायत के अध्यक्ष अशोक निषाद पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अपने सगे-संबंधियों को आउटसोर्सिंग के जरिए नौकरी पर रखा और उन्हें बिना काम किए ही सरकारी खजाने से वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब नगर पंचायत के ही सभासदों ने मोर्चा खोलते हुए इसकी लिखित शिकायत जिला अधिकारी (DM) कुशीनगर से की।
रिश्तेदारों को मलाईदार पदों पर रखने का आरोप
डीएम कुशीनगर को सौपे ज्ञापन दस्तावेज के अनुसार, अध्यक्ष के सगे रिश्तेदारों को निम्नलिखित पदों पर नियुक्त किया गया है:
- दीपू निषाद – कंप्यूटर ऑपरेटर
- पंकज निषाद – लाइनमैन
- राहुल निषाद – पत्र वाहक
- इंद्रेश निषाद – सफाई कर्मचारी
- मुकेश निषाद – कार्यालय सहायक आदि
“बिना काम किए वेतन लेने वाले कर्मचारी”
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इन रिश्तेदारों के अलावा लगभग 43 अन्य ऐसे नाम हैं जो कथित तौर पर नगर निकाय में बिना कोई काम किए हर महीने वेतन उठा रहे हैं। शिकायत में दर्ज सूची के अनुसार, इनमें सफाई कर्मचारी, ड्राइवर और सहायक लिपिक जैसे पद शामिल हैं। सभासदों का दावा है कि यह पूरी तरह से जनता के पैसे का दुरुपयोग और एक बड़ा घोटाला है।
जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश, मंचा हड़कंप
नगर पंचायत के सभासदों द्वारा पुख्ता सबूतों के साथ की गई इस शिकायत के बाद कुशीनगर के जिलाधिकारी (DM) ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
- कड़ी कार्रवाई का भरोसा: डीएम ने सभासदों को आश्वस्त किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
- दोषियों पर गिरेगी गाज: यदि जांच में आउटसोर्सिंग नियुक्तियों और बिना काम किए भुगतान किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो नगर पंचायत अध्यक्ष सहित संबंधित अधिकारियों पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे के बाद से ही छितौनी नगर पंचायत और कुशीनगर की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

