Saturday, January 31, 2026
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जिले में पैदा हुआ एलियन की शक्‍ल का बच्‍चा, देखने के लिए लोगों की लग रही भारी भीड़

alienboy

कुशीनगर: कुशीनगर जनपद स्थित पडरौना तहसील के काटी गांव के निवासी रंजीत चौहान की पत्नी शैल देवी ने एक बच्‍चे को जन्‍म दिया है। यह बच्‍चा किसी दूसरे ग्रह का लग रहा है। एलियन की शक्‍ल के इस बच्चे को देखने के लिए भरी भीड़ लग गई है। इस बच्चे की आंख, नाक, कान और हाथ अविकसित हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मां को गर्भावस्था के दौरान किसी तरह की दिक्कत नहीं थी और इसका जन्म भी नॉर्मल हुआ है। डॉक्टरों की राय में मां-बाप के जीन में गड़बड़ी के कारण इस तरह का बच्चा जन्मा हुआ है।

भारत में इस तरह के दूसरे बच्चे की जन्म हुआ है। पहला बच्चा नागपुर में जन्मा था। डॉक्टरों के अनुसार मां-बाप के जीन में हुए म्यूटेशन के कारण बच्चों में यह विकृति आती है।  बच्चे के शरीर के ऊपर किराटिम लेयर बना होता है जिससे बच्चे की त्वचा ऑक्सीजन नहीं ले पाती है। जिससे कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो जाती है।  24 घंटे बाद भी बच्चे का जीवित होना किसा चमत्कार से कम नहीं है।

सौ0-gorakhpur times

पडरौना-तमकुही राष्ट्रीय राजमार्ग को हरी झंडी

कुशीनगर : जिले के लिए बड़ी खुशखबरी है। लोगों को बिहार जाने का रास्ता सुलभ होगा तो वाहनें फर्राटा भरते गंतव्य को पहुंच सकेंगी तो तो जाम की समस्या भी सामने नहीं आएगी। जी हां हम बात कर रहे हैं पडरौना -तमकुही मार्ग की। इस 33 किमी की दूरी को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में तब्दील करने की हरी झंडी केंद्र से मिल गई है। इसको लेकर डीपीआर मतलब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर कार्य भी शुरू हो गया है। इसके तैयार होते ही सड़क निर्माण का कार्य गति पकड़ लेगा। सड़क निर्माण के बाद जहां पडरौना से तमकुही की दूरी कम हो जाएगी, वहीं राह आसान हो जाएगी। सड़क निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च होंगे। पडरौना-कुबेरस्थान-तुर्कपट्टी होते हुए तमकुही पहुंचने के इस मार्ग के निर्माण के लिए दो वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम लोकेश एम ने केंद्र सरकार को मार्ग को एनएच में तब्दील करने का प्रस्ताव भेजा था। इधर एनएचआइ के प्रभारी अधिकारी प्रेम प्रकाश की पहल पर केंद्र सरकार ने इसकी स्वीकृत दे दी है। इसकी उन्होंने बातचीत में पुष्टि भी की है। डीपीआर मिलते ही केंद्र सरकार द्वारा धन अवमुक्त कर दिया जाएगा। पडरौना के छावनी मोहल्ले से यह एनएच कुबेरस्थान से सीधे तुर्कपट्टी में मिलेगी, जहां सीधे तमकुही जाकर फोरलेन से जुड़ेगी। इस एनएच के बनने से यूपी से बिहार जाने का रास्ता आसान तो होगा ही, वाहनों को जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। इससे समय भी कम लगेगा। पहले इस मार्ग पर यात्रा करने वाले को 33 किमी की दूरी तय करने में डेढ़ से दो घंटा का लगता था। इसकी वजह से लोगों को या तो पडरौना से गोड़रिया होते दुदही से सेवरही से फोर लेन पर जाना पड़ता था अथवा कसया से फोरलेन पकड़ बिहार जाना पड़ता था। इसमें समय की बर्बादी के साथ आर्थिक क्षति भी होता था। अब इससे बचा जा सकेगा। यही नहीं राह आसान होने पर व्यापार के साथ लोगों का आना-जाना भी आसान होगा।

सौ0- गोरखपुर टाइम्स

कुशीनगर एयरपोर्ट रन वे निर्माण में अवरोध की कोशिश,प्रशासन की सख्ती से टला अवरोध

कुशीनगर : अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए रन वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शनिवार की सुबह क्षेत्र के गांव नरायनपुर के कुछ ग्रामीणों ने अवरोध खड़ा करना चाहा तो एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल व सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंच कर समाधान निकाला और निर्माण कार्य प्रारंभ कराया। रन वे के निर्माण से कसया से अहिरौली जाने वाला बाइपास मार्ग बंद हो रहा है। इससे कई गांवों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो रही है। सुबह प्रोजेक्ट मैनेजर सूरज श्रीवास्तव टीम के साथ कार्य स्थल पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने अवरोध खड़ा कर दिया। इस पर उन्होंने तत्काल डीएम को सूचित किया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम व सीओ मयफोर्स पहुंचे तो विरोध करने वाले लोग खिसक लिए। एसडीएम शुक्ल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का निर्माण एक बड़ा कार्य है। इसमें लोगों को सहयोग करना चाहिए, क्योंकि आने वाले दिनों में जनता को ही इससे लाभ मिलने वाला है। इस कार्य में किसी तरह का अवरोध प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान नायब तहसीलदार राधेश्याम उपाध्याय, चौकी इंचार्ज संजय मिश्र, लेखपाल ब्रजेश मणि त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, अरविंद पति त्रिपाठी, घनश्याम शुक्ल, निलेश रंजन राव आदि मौजूद रहे।

सौ० दैनिक जागरण,कुशीनगर

कुशीनगर में शुरू होगा पर्यटन पाठ्यक्रम

कुशीनगर : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) कुशीनगर में पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन व्यवसाय में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इस पाठ्यक्रम को पूर्ण कर लेने के बाद कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। यह जानकारी क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र वाराणसी के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. एएन त्रिपाठी व सह निदेशक प्रो. एसके पांडेय ने दी। वे मंगलवार को पथिक निवास में जागरण से बातचीत कर रहे थे। त्रिपाठी एवं पांडेय बुद्ध पीजी कालेज कुशीनगर के अध्ययन केंद्र का निरीक्षण करने आए हुए थे। कहा कि जब यहां आधारभूत सुविधाएं, शिक्षक व शिक्षार्थी उपलब्ध होंगे तो इस पाठ्यक्रम को प्रारंभ करने की अनुमति मिल जाएगी। बताया कि इग्नू में 225 प्रोग्राम हैं। क्षेत्र के हिसाब से आवश्यकता आधारित पाठ्यक्रम एलाट किया जाता है। 1985 में स्थापित इग्नू के देश में 67 क्षेत्रीय केंद्र हैं। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा का जनतंत्रीकरण, बाधारहित शिक्षा उपलब्ध कराना, अपनी शर्तो पर पाठ्यक्रम पूर्ण करने की छूट, ज्ञानवान समाज का निर्माण, कम से कम खर्च पर शिक्षा उपलब्ध कराना व जरूरतमंद लोगों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की चर्चा करते हुए कहा कि पीजी डिप्लोमा इन हायर एजुकेशन व सर्टिफिकेट इन गाइडेंस उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों के लिए उपयोगी है।

सौ० दैनिक जागरण,कुशीनगर

विश्व बैंक की टीम 18 को आएगी कुशीनगर

कुशीनगर:उत्तर प्रदेश में प्रो-पूअर टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत होने वाले विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण व अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए वल्र्ड बैंक की छह सदस्यीय टीम 18 अगस्त को कुशीनगर होटल पथिक निवास पहुंचेगी। इसको लेकर पथिक निवास को सजाने-संवारने का कार्य शुरू हो गया है। स्टेफेनिया अबाकर्ली की अगुवाई में 18 अगस्त को संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ वल्र्ड बैंक की टीम विचार विमर्श करेगी। 19 अगस्त को पूर्वांह्न में टीम स्थलीय निरीक्षण करने के बाद 11.30 बजे से पथिक निवास में डीएम की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक होगी। 20 अगस्त को टीम वाराणसी के लिए प्रस्थान करेगी। यूपी प्रो-पूअर टूरिच्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के वल्र्ड बैंक के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनुप कुमार श्रीवास्तव भी बैठक में शामिल रहेंगे। कार्यक्रम का संयोजन उपनिदेशक पर्यटन राजेंद्र कुमार रावत द्वारा किया जाएगा।

कुशीनगर में प्रस्तावित प्रो-पूअर टूरिच्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत स्टेफेनिया अबाकर्ली के नेतृत्व में छह सदस्यीय वल्र्ड बैंक की टीम 18 अगस्त को कुशीनगर पहुंचेगी। टीम के सदस्य निरीक्षण करेंगे और 19 अगस्त को डीएम की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।     राजेंद्र कुमार रावत  उपनिदेशक पर्यटन, गोरखपुर

सौ० दैनिक जागरण, कुशीनगर

26 मुकदमों का वान्टेड अभियुक्त को कसया पुलिस ने किया गिरफ्तार

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कुशीनगर:जिले में बन माफिया नाम से मसहुर वांछित अभियुक्त को पकड़ने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार आज सोमवार को थाना कसया पुलिस ने वन माफिया उर्फ़ रमाशंकर पुत्र भागीरथी को गिरफ्तार कर लिया गया पुलिस को उसकी काफी दिनों से तलाश कर रही थे उसके उपर 26 मुक़दमे दर्ज है। जिसके कब्जे से 12 बोर कट्टा व 02 अदद जिन्दा कारतुस व 07 बोटा सागौन की लकड़ी डीसीएम पर लदी हुई बरामद किया गया।

कुशीनगर एयरपोर्ट से पांच देशों में होगी सीधी उड़ान

कुशीनगर:निर्माण के बाद कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रथम चरण में पांच देशों से सीधी उड़ान सेवा प्रस्तावित है। धार्मिक पर्यटन के नजरिए से कुशीनगर आने वाले सर्वाधिक बौद्ध सैलानी श्रीलंका, थाईलैंड, सिंगापुर, जापान व म्यांमार से भारत के लिए उड़ान भरते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन पांच देशों से सीधी उड़ान करने की योजना बनाई है। बैंकाक एयरपोर्ट से कुशीनगर के लिए उड़ान शुरू होने से थाईलैंड के यात्री कोलकाता या बोधगया न आकर सीधे कुशीनगर आ सकेंगे। श्रीलंका के भंडारनायके एयरपोर्ट के जुड़ने से श्रीलंकाई यात्रियों को कुशीनगर आने में सुगमता होगी। सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा सिंगापुर के बौद्धों के साथ-साथ कोरिया के यात्रियों को भी कुशीनगर लाने में सहायक साबित होगा। जापान का टोक्यो एयरपोर्ट व म्यांमार का यांगून एयरपोर्ट क्रमश: जापानी व बर्मी सैलानियों को कुशीनगर से सीधे जोड़ देगा। वर्तमान में कुशीनगर में आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या 65 हजार के आंकड़े को पार कर रही है। आने वाले विदेशी सैलानियों का सर्वाधिक हिस्सा श्रीलंका, थाईलैंड, बर्मा व कोरिया का है। बाकी जापान, चीन आदि बौद्ध देशों के अलावा यूरोप व यूएसए के सैलानी हैं। हालांकि जापान से आने वाले सैलानियों की संख्या काफी कम है। सीधी उड़ान सेवा होने से सरकार को जापानी सैलानियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। कारण की बहुतायत जापानी सैलानी कुशीनगर आना तो चाहते हैं पर लंबी दूरी की बाधा एक बड़ी वजह है। यूपी पर्यटन के उप निदेशक पीके सिंह कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के पीछे बौद्ध सैलानी एक बड़ी संख्या को वजह मानते हैं, कारण कि कुशीनगर की स्थिति बौद्धों अनुयायियों में मक्का से कम नहीं है। इसलिए सीधी उड़ान सेवा के प्रस्ताव स्वाभाविक है।

सौ० दैनिक जागरण ,कुशीनगर

पडरौना कन्हैया टाकीज के पास दूकान पर छापा, अश्लील फिल्म बेचने का आरोप

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कुशीनगर: पडरौना कोतवाली पुलिस ने मुखबीर की खबर पर कन्हैया टाकीज के पास गौतम लाईब्रेरी पर छापा डालकर आपतिजनक सामिग्री साहित एक को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस को मुखबीर के जरिये खबर मिला की कन्हैया टाकीज के निकट गौतम लाईब्रेरी पर अश्लील फिल्म,फोटो,नकली फिल्म कैसेट डाउनलोड किया जाता है।

सुचना पर पुलिस ने छापा डालकर अश्लील फोटो ब्लू फिल्म  इत्यादि लैपटाप हाई डिस्क में लीड पायी गयी और नकली कैसेट की बरामदगी हुयी। जिस पर पुलिस ने कारवाही करते हुए अभिषेख कुशवाहा पुत्र गौतम कुशवाहा को सामान साहित गिरफ्तार कर लिया। बरामद सामान में एक लैपटॉप,हार्डडिस्क,चार्जर,नकली कैसेट 300 के करीब है।

कुशीनगर में धारा 144 लागू

कुशीनगर: कुशीनगर प्रशासन ने जिले में धारा 144 लागू कर दिया है ऐसा  त्योहारों के मद्देनजर जनपद में आए दिन हो रहे धरना प्रदर्शन, रोड या रेल चक्का जाम आदि शांति व्यवस्था तथा लोकशांति भंग न हो इसके लिए भादप्र संहिता की धारा 144 के तहत रोक लगाया गया है। कहीं सार्वजिनक स्थान पर बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन या चक्का जाम करने पर संबंधित के खिलाफ शांति भंग के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कुशीनगर के मरिचहिया डीह में मिले तीन प्राचीन सिक्के

कुशीनगर: कुशीनगर के फाजिलनगर ब्लाक स्थित ग्राम सरैया महंथ पट्टी के प्राचीन मरिचहिया डीह के पास तीन प्राचीन सिक्के मिले हैं। पुरातत्वविद डा. श्याम सुंदर सिंह के अनुसार ये सिक्के मौर्यकाल से लेकर मौर्येत्तर काल तक के हो सकते हैं। इससे पूर्व 1995 में यहीं एक पंच मार्क सिक्का मिला था।1 फाजिलनगर ब्लाक के करजहीं गांव निवासी राजेन्द्र पाण्डेय जो कि भगवान महावीर स्नातकोत्तर महाविद्यालय फाजिलनगर में पुस्तकालय अध्यक्ष है। ये सिक्के उनको टहलने के दौरान मिले। सिक्कों को घर लाकर उन्होंने पुरातत्वविद डा. श्यामसुंदर सिंह से पहचान कराई तो उन्होंने इन्हें मौर्यकाल से लेकर मौर्येत्तर काल के बीच का बताया। इन्हें कास्ट कापर क्वाइन व ट्राइबल क्वाइन भी कहते हैं। इन सिक्कों का निर्माण पंचमार्क सिक्कों के बाद का है। 1 324 ईसा पूर्व मौर्यकाल का शासन था। पुरातत्वविद डा. श्यामसुंदर कहते हैं कि इस तरह के सिक्कों का प्रचलन कुषाण सिक्कों के समानांतर उनके प्रारंभिक समय तक रहा। मरिचहिया डीह का पुरातत्व स्थल एक विस्तृत नगर का है। वर्तमान में कुलकुला और प्राचीन काल का कुकुत्था पुरैना घाट के पूर्वी तट पर होने के कारण एक पोर्टल नगर की भूमिका में था। मध्य एशिया से लेकर सुदूर तक के व्यापारी काफिले के साथ यहां आते-जाते थे और व्यापारियों के सामानों का उतार-चढ़ाव होता था। वह कहते हैं कि इस तरह के सिक्के का मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

 

सौ० दैनिक जागरण कुशीनगर