
कुशीनगर : पडरौना दरबार से लगे टैक्सी स्टैंड पर या शहर के सभी वाहनों स्टैंड पर चालको की मनमानी से आम जनमानस खासे परेशान है।इसका खासा असर महिला व बच्चे पर है। वाहन चालक सवारी भरने के चक्कर में गाड़ी को कड़ी धूप में खड़ी कर रहे हैं।जिससे यात्रियो को गरमी से और ज्यादा परेशान होना पड रहा हैं।इसका उदहारण दरबार टैक्सी स्टैंड पर देखने को मिला जहा महिला यात्री को गरमी से बेहोश हो गयी।महिला का आरोप था की चालक आधे घण्टे से धूप में गाड़ी खड़ा कर परेशान कर रहा हैं।
चालको के मनमानी से,भीषण धूप व गरमी से यात्री परेशान
मथुरा में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस और लोगों में झड़प, एक पुलिसकर्मी की मौत

मथुरा: मथुरा के जवाहर बाग में बागवानी विभाग की करीब 100 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने पहुंची पुलिस और कब्जेधारियों के लिए बीच जमकर झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि जब अवैध कब्जेधारियों को खदेड़ने के लिए जवाहर बाग में पुलिस बल घुसा, तक गुस्साए कब्जेधारियों की तरफ से झड़प की शुरूआत हुई।
बताया जा रहा है कि इस दौरान कब्जेधारियों की तरफ से फायरिंग कर दी गई, जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। इसमें एसपी सिटी सहित करीब एक दर्जन पुलिसकमियों के भी घायल होने की सूचना है। खबर है कि इस घटना में एक पुलिसकर्मी भी की मौत हुई है। इस झड़प में कब्जेधारी पक्ष के भी कुछ लोग घायल हुए हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह लोग इस जमीन पर काफी समय से अवैध कब्जा जमाए बैठे थे।
साभार – ndtv इंडिया वेब
कुशीनगर के छात्र ने सेना के लिए बनाया अनोखा डिवाइस, हजारों मील दूर से भी चलेगी ‘गन’

कुशीनगर: कुशीनगर जिले के एक किसान परिवार में जन्मे छात्र ने एक बहुउपयोगी डिवाइस बनाया है. इस अनोखे डिवाइस से ध्वनि तरंगों को विद्युत तरंगों में बदल कर हजारों किलोमीटर दूर से भी विद्युत उपकरणों को चालू और बंद किया जा सकता है. यही नहीं इस डिवाइस से मोबाइल के जरिये कहीं से भी रिवाल्वर, बन्दूक जैसे असलहों से फायर भी कराया जा सकता है. जिले के एक किसान परिवार में जन्मे छात्र ने एक बहुउपयोगी डिवाइस बनाया है. इस अनोखे डिवाइस से ध्वनि तरंगों को विद्युत तरंगों में बदल कर हजारों किलोमीटर दूर से भी विद्युत उपकरणों को चालू और बंद किया जा सकता है. यही नहीं इस डिवाइस से मोबाइल के जरिये कहीं से भी रिवाल्वर, बन्दूक जैसे असलहों से फायर भी कराया जा सकता है।
छात्र संदीप पासवान का दावा है कि इस डिवाइस से सेना के उपयोग में आने वाले सभी आधुनिक हथियार भी संचालित हो सकते हैं. यदि वाकई इस छात्र का प्रयोग सफल रहा तो सेना के लिए यह डिवाइस एक मिल का पत्थर साबित होगा.
मिली जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जनपद अंतर्गत स्थित सुकरौली विकास खंड के खागी मुंडेरा गांव निवासी संदीप पासवान की रूचि शुरू से ही विद्युत तारों को जोड़ने और उपकरणों को बनाने में रही है. इस छात्र के पिता सुकदेव पासवान भी डांटने के बजाय प्रोत्साहित करते रहते हैं. बारहवी कक्षा मैथ से उतीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए उसने आर्ट के विषयों को चुना. संदीप बताता है कि सीमा पर सैनिकों के शहीद होने की खबर सुन कर उसे बड़ा दुख होता था. उनके लिए कुछ करने की तमन्ना हमेशा दिल में होती रहती थी. एक दिन मन में यह बात आई कि क्यों न ध्वनि तरंगों को एक बार फिर विधुत तरंगों में बदल कर उपयोग किया जाय. महीनों तक काम करने के बाद इस डिवाइस का निर्माण संभव हो सका.
इसके सिद्धांत के बारे में संदीप ने बताया कि मोबाइल द्वारा विद्युत तरंगों को ध्वनि तरंगों में बदल दिया जाता है और हम कहीं भी बैठे बात कर लेते हों. इस डिवाइस के माध्यम से ध्वनि तरंगों को एक बार फिर विधुत तरंगों में बदल दिया जाता है और इन्हीं के माध्यम से विधुत उपकरणों को चालू और बंद किया जाता है. यह डिवाइस एक मोबाइल से कनेक्ट रहता है. इस मोबाइल पर दूर बैठे कहीं से भी कॉल करने पर डिवाइस ध्वनि तरंगों को विद्युत तरंगों में परिवर्तित कर देता है और विद्युत उपकरण ऑन-ऑफ हो जाते हैं. यही नहीं इस डिवाइस से एक छोटे से मोटर के जरिए बन्दूक, रिवाल्वर जैसे असलहों से दूर बैठ कर फायर भी कराया जा सकता है. कैमरे के सामने इस छात्र ने फैन और बल्व ऑन-ऑफ करने के अलावा रिवाल्वर से फायर करा कर भी दिखाया.
उसने बताया कि अभी यह प्रयोग प्रारंभिक स्तर पर है. वह मनचाही दिशा में सेना के सभी आधुनिक असलहों से फायर कराने और उन्हें संचालित करने के लिए काम कर रहा, लेकिन धन की कमी आड़े आ रही है।
साभार- जनता की आवाज
महाराष्ट्र के पुलगांव में हथियार डिपो में आग, सेना के दो अधिकारी और 15 डीएससी जवानों की मौत

मुंबई: महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पुलगांव में केंद्रीय आयुध डिपो में आग लग गई है। आग बीती रात क़रीब दो बजे लगी है, जिसके बाद इस डिपो के आसपास के चार गांवों को खाली करा लिया गया। इस आग में झुलसकर अब तक 15 जवानों और दो अधिकारियों की मौत हो चुकी है जबकि 19 लोग घायल हुए हैं।
रुक-रुक कर धमाकों की आवाज आ रही है
एहतियातन सेवाग्राम और सवांगी के डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह एक हादसा है। अभी भी यहां रुक-रुक कर धमाकों की आवाज आ रही है।
पीएम मोदी ने पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की
पीएम मोदी ने ट्वीट किया है, पुलगांव, महाराष्ट्र के सेंट्रल एम्युनिशन डिपो में आग से गई जानों से आहत हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। रक्षा मंत्री @manoharparrikar को मौक़े का मुआयना करने और स्थिति की जायज़ा लेने को कहा है।
भारत का सबसे बड़ा हथियार डिपो
सैन्य अधिकारी ने कहा, एक शेड में लगी मुख्य आग पर काबू पा लिया गया है। स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के कारण और कहीं आग लगने या विस्फोट होने की संभावना से अभी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलगांव में केंद्रीय आयुध डिपो भारत का सबसे बड़ा आयुध डिपो है। पुलगांव नागपुर से 110 किलोमीटर दूर है।
साभार : ndtv इंडिया
सी0टी0आई0 प्रशि0 बेरोजगार अनुदेसको का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

कुशीनगर:पडरौना दिनाक 30 मई को राजकीय औघोगिक प्रशिक्षण पडरौना के परिसर में सी0टी0आई0 प्रशि0 बेरोजगार अनुदेसक के बैनर तले जिले के सी0 टी0आ ई0 बेरोजगारों ने राजकीय आईटीआई में चल रही अनियमितता के विरोध में धरना प्रदर्शन व् ज्ञापन दिया।सभा का संचालन हरेन्द्र वर्मा ने किया तथा अध्यक्ष सुग्रीव प्रजापति व उपाध्यक्ष अशोक कुमार ने संभोदन किया।
विधायक अजय लल्लू को कसया की अदालत ने फरार घोषित किया

कुशीनगर: तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार उर्फ लल्लू को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया की अदालत ने फरार घोषित किया है। अदालत ने पुलिस को तीस दिनों के भीतर उन्हें उपस्थित करने का भी आदेश दिया है। विधायक न्यायालय में लंबित न्यायालय अपराध संख्या 1120-16 में नामजद आरोपी हैं और वह लंबे समय से सुनवाई के दौरान अनुपस्थित चल रहे हैं। बीते 26 मई को जारी अपने आदेश में न्यायालय ने कहा है कि उपरोक्त मुकदमे की धारा-323, 504, 506 आईपीसी में नामजद अजय कुमार उर्फ लल्लू उपस्थित नहीं हुए हैं। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी वह न्यायाल के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। यह देखते हुए धारा 82 सीआरपीसी के तहत अजय कुमार उर्फ लल्लू को फरार घोषित किया जाता है। न्यायालय ने सेवरही पुलिस को यह निर्देश भी दिया है कि वह तीस दिनों के भीतर फरार चल रहे अजय कुमार उर्फ लल्लू को न्यायालय के समक्ष उपस्थित करना सुनिश्चित कराए। अगर निर्धारित तिथि के भीतर न्यायालय में उनकी उपस्थिति नहीं हो पाती है तो पुलिस आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित करे। सीओ तमकुहीराज श्रीश्चंद्र ने कहा कि इससे जुड़ा न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ है। पुलिस आदेश के अनुपालन में जुटी है।
साभार:दैनिक जागरण
रेल मार्ग से जुड़ेगा कुशीनगर : रेल राज्य मंत्री

कुशीनगर: रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा रविवार को सड़क मार्ग से ओलीपट्टी जाते हुए कुछ समय के लिए कुशीनगर में रुके,इस दौरान उन्होंने बताया की केंद्र सरकार बुद्धिस्ट पर्यटक स्थल कुशीनगर को रेल मार्ग से जोड़ने के प्रति गंभीर है। सरकार ने बुद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों को पर्यटन व विकास के दृष्टिकोण से रेल परिपथ से जोड़ने की योजना बनाई है। आने वाले कुछ दिनों में यह परियोजना साकार रूप ले लेगी।इसी परिपेछ में उन्होंने कहा की कुशीनगर को रेल परिपथ से जोड़ने की योजना बन चुकी है। संभव है कि अगले बजट में इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। रेल मार्ग से जुड़ जाने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा होगा। यहां के सांसद राजेश पांडेय ने भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है। इसकी मांग आजादी के समय से ही चली आ रही है।
बरेली और मुरादाबाद के बीच हुआ स्पेन से आए टैल्गो कोच का पहला ‘स्पीड ट्रायल’
बरेली: भारत में हाई स्पीड ट्रेन का सपना साकार करने के लिए स्पेन से आए टैल्गो कोच का रविवार को बरेली से मुरादाबाद के बीच पहला ‘स्पीड ट्रायल रन’ मुकम्मल होने के साथ ही भारतीय रेल के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया।
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने बरेली में बताया कि स्पेन से आए टैल्गो कोच का पहला स्पीड ट्रायल बरेली से हुआ। इसका सेंसर ट्रायल गत शुक्रवार को हुआ था। स्पीड ट्रायल के लिए देशी इंजन के पीछे विदेशी कोच लगाये गए।
उन्होंने बताया कि इज्जतनगर रेल मंडल का इंजन नौ टैल्गो कोच बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या दो से मुरादाबाद के लिए सुबह 9.04 बजे रवाना हुआ जो 10.20 बजे मुरादाबाद पहुंचा। उसके बाद उसने इसी रूट से वापसी की। इस दौरान रेलगाड़ी को 100 से 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ाया गया।
दिल्ली-मुंबई रूट पर चलेंगे टैल्गो कोच
मिश्र ने बताया कि बरेली से मुरादाबाद के बीच 12 जून तक ट्रायल चलेगा। इसके बाद पलवल ट्रैक पर 180 किलोमीटर और दिल्ली से मुंबई के बीच 220 किलोमीटर की रफ़्तार से टैल्गो चलेगी। सभी ट्रायल पूरे होने के बाद रेल मंत्रालय ट्रायल रिपोर्ट का अध्ययन करके टैल्गो चलने का फैसला होगा।
जिन्होंने इस देश को लूटा वो इस सरकार को पसंद नहीं करते :पीएम मोदी

दिल्ली: अपनी सरकार की दूसरी वषर्गांठ मनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सुशासन के माध्यम से पिछले दो सालों में बदलाव आया है। उन्होंने भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने तथा सालों से लूट का शिकार बने लोगों के लिए जीवन आसान बनाने की प्रतिबद्धता जतायी।
कांग्रेस का नाम लिए बगैर उन्होंने विपक्षी दल पर अवरोध खड़ा करने के एजेंडे पर चलने का आरोप लगाया और कहा कि लोग इसे देख सकते हैं और सच ढूंढ सकते हैं।
कोयला ब्लॉक आवंटन समेत यूपीए सरकार के दौरान के घोटालों और स्कैंडलों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की बुराई पर अंकुश लगाना इस सरकार का मुख्य ध्येय रहा है और लोग पिछले शासन से तुलना कर इसे देख सकते हैं।
कामकाज का तुलनात्मक अध्ययन होता है
उन्होंने कहा, ‘‘जबतक हम पिछली सरकार के दिनों के दौरान किए गए कामकाज को याद नहीं करेंगे, हम इस बात अहसास नहीं कर पायेंगे कि कौन सा बड़ा कार्य हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के लोगों के सामने संतोष के भाव के साथ खड़ा हूं। हम अपने कामकाज का बारीक मूल्यांकन होने के बावजूद लोगों का विश्वास और उत्साह हासिल करने में समर्थ रहे हैं। लोगों का विश्वास दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इससे हमारा भी विश्वास बढ़ता है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘मैं उन लोगों के बारे में ऐसा नहीं कह सकता जिनके लिए हमारा विरोध करना राजनीतिक कारणों से जरूरी है। यह तो स्वभाविक है। लेकिन मैं एक बात कहना चाहता हूं। एकतरफ विकासवाद है तो दूसरी तरफ विरोधवाद है।’’ वार्ता के रूप वाले ‘एक नयी सुबह’ नामक कार्यकम में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दुर्भावना से कोई फैसला नहीं किया। छह घंटे तक चले इस कार्यक्रम में ज्यादातर मंत्री हाजिर हुए।
विश्वास पर खरा उतरने के लिए सबकुछ कर रहे हैं
मोदी ने कहा, ‘‘मैं आपको यह आश्वस्त करने के लिए यहां हूं कि लोगों ने हमपर जो विश्वास व्यक्त किया, हम उस पर खरा उतरने के लिए हरचीज कर रहे हैं। और देश ने देखा है कि कोई भी फैसला दुर्भावना से नहीं किया गया, कठोर परिश्रम में कोई कोताही नहीं की गयी और हमने लोगों और राष्ट्र के हित को सर्वोपरि रखते हुए अपने आप को उनकी भलाई में समर्पित कर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि जिन्होंने पैसे बनाए हैं, वे मुश्किलों का सामना करेंगे और वे परेशानी महसूस करेंगे। किसने पैसे बनाए, कब बनाए, यह मेरा विषय नहीं है यह गरीबों का पैसा है और उसे दूसरों के पास नहीं जाने दिया जाएगा।’’ आंकड़े देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों में पैसे को गलत हाथों में जाने से रोककर सलाना करीब 36,000 करोड़ रुपये बचाए गए और भ्रष्टाचार से जिन लोगों को फायदा हो रहा था, उन्हें ही परेशानी हो रही है।
लोग पूछते हैं इतना विरोध क्यों होता है
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ लोग मुझसे कहते हैं कि मैं इतना अधिक काम करता हूं, फिर भी इतना विरोध का सामना करता हूं और गालियां सुनता हूं। वे मुझे मीडिया से अधिक संवाद करने और संचार रणनीति सुधारने की सलाह देते हैं। मैं उन्हें कैसे समझाउं कि जो लोग 36,000 करोड़ रुपये के लाभार्थी थे, जब मैंने सरकारी धन के इस लूट को रोक दिया तो वे मुझे गालियां देंगे ही न।’’ उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव लोगों में विश्वास जगाना और उनकी आकांक्षा पूरी करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करना रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, अगर मैं अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने लगूं तो इन दूरदर्शन वालों को यहां एक हफ्ते तक रुकना पड़ेगा, उन्होंने कहा, लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं कि हमारी कोशिशों में कोई कमी नहीं आएगी। यह देश आगे बढ़ रहा है और बढ़ेगा।
कठिन परिश्रम में कोई कोताही नहीं की
दो साल में मोदी सरकार द्वारा कुछ नहीं करने की कांग्रेस की आलोचना को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने देखा है कि उनके प्रशासन ने कठिन परिश्रम में कोई कोताही नहीं की और राष्ट्र एवं आमजन के लिए काम करने के प्रति खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लोग विकास के एजेंडे और अवरोध के एजेंडे के बीच तुलना कर सच ढूंढने में समर्थ हैं। सरकार के हर कदम का बारीकी से मूल्यांकन होना चाहिए लेकिर मेरी चिंता यह है कि ऐसा कुछ न किया जाए जिससे देश निराशा के भंवर में पहुंचे।’’ यह उल्लेख करते हुए कि कभी कभी उनकी ऐसी आलोचन होती है जिसका कोई आधार नहीं होता, मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का मूल्यांकन पिछली सरकारों के कामकाज के संदर्भ में हो।
कोयला ब्लॉक आवंटन में पारदर्शी निविदा प्रणाली लाने का दावा करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकार इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार के चलते बदनाम हुई थी और तब मीडिया में यह बात खूब आयी थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी सरकार की कोशिश का महत्व समझा जा सकता है यदि इस बात का परीक्षण हो कि पहले इस मुद्दे पर इतना बड़ा भ्रष्टाचार क्यों हुआ।
भ्रष्टाचार दीमक की तरह हमारे देश को खोखला बना रहा है
उन्होंने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार दीमक की तरह हमारे देश को खोखला बना रहा है। यदि कोई ऐसी चीज है जो देश के विकास के हमारे सपने को चकनाचूर कर सकता है तो वह भ्रष्टाचार का दीमक है और हम उसे उखाड़ फेंकने के लिए कटिबद्ध हैं। धन को गलत हाथों में जाने से (लीकेज) रोकने में अपनी सरकार की उपलब्धि का ब्योरा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एलपीजी सब्सिडी के फर्जी लाभार्थियों को खत्म कर 15,000 करोड़ रुपये बचाए गए। सरकार ने 1.62 करोड़ फर्जी राशनकार्ड का पता लगाया। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों के कुछ कदमों का भी हवाला दिया और कहा, ‘‘यह बस एक शुरुआत है। यह एक नयी सुबह है। सरकार अपने कार्यकाल के अगले तीन सालों में ऐसे कदम जारी रखेगी।’’ उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि उनके आह्वान पर 1.13 करोड़ लोगों ने एलपीजी पर सब्सिडी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय है क्योंकि साल में नौ सिलेंडर दिए जाएं या 12, जैसे मुद्दे ही राजनीतिक विमर्श पर छाये रहते थे।
मोदी ने कहा कि यदि उन्होंने एक लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक बिजली संयंत्र की घोषणा की होती तो यह बड़ी खबर बनती लेकिन कुछ लोग आश्चर्य से सवाल करते कि इसके लिए धन कहां से आएगा। लेकिन तथ्य यह है कि उनकी सरकार 500 शहरों में एलईडी बल्ब देकर इतना ही धन बचाने जा रही है पर, ऐसे में जो 20 हजार मेगावाट बिजली बची, वह खबर नहीं बनती।
साभार : ndtv इंडिया
फर्टिलाइजर कारखाने में बनेगा एम्स- सांसद योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर:एम्स यहां फर्टिलाइजर कैंपस में बन सकता है। शीघ्र ही केंद्रीय टीम इसके मूल्यांकन के लिए आएगी। टीम की सहमति मिली, तो एम्स यहीं बनेगा।सभी बाते सांसद योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को यहां पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने कहा की फर्टिलाइजर के पास करीब एक हजार एकड़ जमीन है। आधुनिक तकनीक से बनने वाले नए कारखाने के लिए 450-500 एकड़ जमीन चाहिए। 100 एकड़ जमीन सीमा शस्त्र बल (एसएसबी) को देने के बाद भी एम्स के लिए यहां भरपूर जमीन है। यह जमीन केंद्र की संस्था फर्टिलाइजर कापरेरेशन आफ इंडिया की है। लिहाजा इसके अधिग्रहण में भी कोई दिक्कत नहीं है। 24 मई को प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठक थी। इसमें जुलाई में प्रधानमंत्री के गोरखपुर के संभावित कार्यक्रम में क्या-क्या होने हैं, इस पर चर्चा हुई। बात एम्स की आई तो पता चला कि सूबे की सरकार ने जिस जमीन के बारे में प्रस्ताव दिया है, उस पर हाईकोर्ट का स्टे है। मामला लंबा खिंच सकता है। फैसला क्या होगा। तय नहीं। उसी क्रम में मैंने फर्टिलाइजर कैंपस के बारे में सुझाव दिया। पीएमओ को सुझाव पंसद आया। आगे का निर्णय केंद्रीय टीम दौरे के बाद करेगी।
