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भाजपा की दो दिवसीय राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दिए मार्गदर्शन भाषण में कहा कि ‘हमें एक ही मूलमंत्र लेकर आगे चलना है विकास.. विकास.. विकास। यही हमारे देश की सभी समस्‍याओं का समाधान है। इसी दिशा में हम काम कर रहे हैं और विकास का चक्‍का भी तेजी से चल रहा है।’

बैठक समापन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर पीएम द्वारा दिए गए भाषण से अवगत कराया। राजनाथ ने बताया कि पीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा ‘हमें अपने संगठन को वट वृक्ष के रूप में विकसित करना है। वट वृक्ष चिरस्‍थायी होता है। उसकी जड़ें गहरी होती हैं। शाखाएं लोगों को साया प्रदान करती हैं… शीतलता देती हैं। ऐसा संगठन का स्‍वरूप होना चाहिए।’

प्रधानमंत्री ने अपने नेताओं को हर मुद्दे पर बयानबाजी न करने को लेकर भी चेताया और कहा कि मुद्दों पर पार्टी के मत को स्‍पष्‍ट करने के लिए एक अलग विभाग है।

पीएम ने साथ ही कहा कि ‘हमारी सरकार के अभी तक के कार्यकाल में आज तक सरकार पर भ्रष्‍टाचार का आरोप नहीं लगा। केवल आर्थिक भ्रष्‍टाचार ही नहीं, बल्कि कोई राजनीतिक आरोप भी नहीं लगा।’

पीएम ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि ‘वह व्‍यर्थ के मुदों में न उलझें, अपने एजेंडे पर चलें। विरोधी ताकतों की कोशिश हमें उलझाए रखने की होगी और सरकार के कार्यों की चर्चा जनसामान्‍य में न होने पाए, इसकी कोशिश उनकी होगी।’

राजनाथ ने बताया कि पीएम ने भाषण में महात्‍मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘गांधी जी धरती से जुड़े मुद्दों को अपने एजेंडे में रखते हुए उन्‍हें भारत की आजादी की लड़ाई से जोड़ते थे।’ पीएम ने आगे कहा, ‘भाजपा कार्यकर्ता रचनात्‍मक सोच के साथ काम करें। समाज के सभी वर्गों तक कार्यकर्ताओं की पहुंच हो। कार्यकर्ताओं को स्‍वच्‍छता अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों से जुड़ने की आवश्‍कयता है।’

साथ ही उन्‍होंने कार्यकर्ताओं को सतर्क करते हुए कहा कि ‘विरोधी ताकतें व्‍यर्थ के मुद्दे उछालकर हमारी सरकार के अभूतपूर्व कार्यों को उलझाने की कोशिश कर सकती हैं, ताकि वह जनसामान्‍य तक न पहुंच सकें। कार्यकर्ताओं को इससे पूरी तरह अप्रभावित रहना है। अपनी सरकार के रचनात्‍मक कार्यों और विकास को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रियता से काम करें।’

साथ ही पीएम ने कहा कि इस बार का बजट शानदार रहा। बजट में शामिल बड़ी-बड़ी चीजों के अलावा छोटी छोटी बातों को जन-जन तक पहुंचाएं। मसलन, देश में छोटी दुकानें भी हफ्ते में सातों दिन और देर रात तक खुल रह सकेंगी। स्‍वभाविक रूप से इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पीएम ने कहा कि ‘हमारी सरकार का अहम निर्णय देश के साढ़े 18 हजार से अधिक गांव, जिन्‍हें आजादी के बाद भी बिजली नहीं मिली, वहां बिजली पहुंचाना है। इनमें से साढ़े 6 हजार से अधिक गावों में हमारी सरकार ने एक वर्ष से अधिक समय में बिजली पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है। 31 मार्च 2017 तक सभी 18 हजार गांवों में बिजली की रोशनी पहुंचाने का लक्ष्‍य पूरा हो जाएगा।’ पीएम ने यह भी कहा कि ‘जो लोग आजादी मिलने के बाद इतने सालों तक अंधेरे में जिंदगी गुजारते रहे, उनके दर्द, मायूसी को लोग नहीं समझ नहीं सकते, इसलिए ऐसे गांवों में जाकर उन लोगों को साथ लेकर ऊर्जा उत्‍सव का कार्यक्रम आयाजित करें।’

उन्‍होंने भाषण में सूफी संप्रदाय के हालिया आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मलेन की सफलता की भी चर्चा की।